अमेरिका ने 26/11 हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को दी मंजूरी

अमेरिका ने 26/11 हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को दी मंजूरी

तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण: अमेरिका-भारत के सहयोग की नई मिसाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 14 फरवरी, 2025 को यह घोषणा की कि 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को अनुमति मिल गई है। यह घोषणा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई। यह भारत-अमेरिका संबंधों में एक महत्वपूर्ण राजनयिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है। राणा फिलहाल अमेरिका में कैद है और उस पर इन हमलों के लिए तार्किक समर्थन प्रदान करने का आरोप है, जिसने 166 निर्दोष जान ले ली थी।

भारत और अमेरिका के नेताओं के बीच द्विपक्षीय चर्चा के बाद प्रत्यर्पण प्रक्रिया को तेजी से अंजाम दिया गया। यह आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है। राणा का कथित रूप से एक प्रमुख भूमिका इस योजना में शामिल थी जिसमें उसने डेविड हेडली की मुंबई में टोही रूपरेखा तैयार करने में मदद की। ट्रंप ने इसे 'खतरनाक व्यक्ति' के रूप में वर्णित किया और पीड़ितों को न्याय दिलाने में इस प्रत्यर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अमेरिका-भारत सहयोग की मजबूती का परिचायक माना।

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण कदम

प्रत्यर्पण के बाद, राणा के खिलाफ भारत में मुकदमा चलाया जाएगा, जहां वह साजिश और आतंकवाद से संबंधित आरोपों का सामना करेगा। भारत की तरफ से 2009 में उसकी गिरफ्तारी के उपरांत से ही लगातार कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे थे। यह कदम दर्शाता है कि कैसे दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं और न्याय की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने में लगे हैं। अमेरिका और भारत के बीच यह सहयोग भविष्य में भी ऐसे ही और सकारात्मक कदमों की संभावना को प्रकट करता है।

11 Comments

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    harshita kumari

    फ़रवरी 14, 2025 AT 18:46
    ये सब झूठ है भाई अमेरिका ने कभी किसी को भारत को नहीं दिया ये सब ट्रंप का चुनावी नाटक है जब तक हम अपने अंदर का आतंकवाद खत्म नहीं करेंगे वो हमें अपने नाम से जोड़ेंगे और फिर बाहर से न्याय का नाटक करेंगे और हम सब उसके पीछे दौड़ेंगे क्योंकि हमारा दिमाग बेकार है
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    SIVA K P

    फ़रवरी 15, 2025 AT 13:06
    अरे भाई ये तो बस ट्रंप की फोटो खींचने के लिए बनाया गया शो है अगर अमेरिका को असली न्याय करना था तो हेडली को भी भेज देता जो अब अमेरिका में बैठा है और बैंक लोन ले रहा है और फिर ये सब न्याय का नाटक कर रहे हो बस बाजार में बिक रहा है ये सब
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    Neelam Khan

    फ़रवरी 15, 2025 AT 16:31
    ये एक बड़ा कदम है और इसके पीछे लाखों परिवारों की आँखों में आँसू हैं जिन्होंने 26/11 को अपने प्यारे लोगों को खो दिया था अब न्याय का रास्ता खुल गया है और दुनिया देख रही है कि भारत और अमेरिका साथ मिलकर क्या कर सकते हैं इसके लिए धन्यवाद दोनों देशों को
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    Jitender j Jitender

    फ़रवरी 16, 2025 AT 01:32
    इस प्रत्यर्पण को एक न्यायिक और सुरक्षा सहयोग के रूप में देखना चाहिए जो ग्लोबल टेररिज्म फ्रेमवर्क के अंतर्गत एक नए नॉर्म की स्थापना करता है जिसमें डेटा शेयरिंग और एक्सट्राडिशन प्रोटोकॉल की दक्षता को बढ़ाया जा रहा है ये एक जीत है न कि केवल एक राजनीतिक विजय
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    Jitendra Singh

    फ़रवरी 16, 2025 AT 17:29
    न्याय का नाम लेकर जो लोग नाटक करते हैं वो अपने आप को अभी तक भूल गए हैं ये जो हुआ है वो कोई न्याय नहीं ये तो एक जनता के लिए बनाया गया धोखा है जिसमें अमेरिका ने अपने आप को नैतिक ऊँचाई पर ठहराया और हम लोग उसके लिए तालियाँ बजाएंगे ये तो बस एक अपराधी के लिए बाहरी न्याय का नाटक है
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    VENKATESAN.J VENKAT

    फ़रवरी 17, 2025 AT 16:04
    अमेरिका के लिए ये बस एक फोटो ऑप था जिसे वो अपने बाहरी चेहरे के लिए बनाया था लेकिन अगर वो असली न्याय चाहते तो हेडली को भी भेज देते जो आज भी अमेरिकी टैक्स पे बैठा है और ये आरोपी जो भेजा जा रहा है वो तो बस एक बक्सा है जिसे लोगों को दिखाने के लिए निकाला गया है
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    Amiya Ranjan

    फ़रवरी 19, 2025 AT 15:37
    ये सब बहुत अच्छा है लेकिन अगर अमेरिका को असली न्याय चाहिए तो वो अपने खुद के आतंकवादियों को भी भेजे जो अफगानिस्तान में काम कर रहे हैं और वहां लोगों को मार रहे हैं ये सिर्फ भारत के लिए न्याय का नाटक है बाकी सब छिपा हुआ है
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    vamsi Krishna

    फ़रवरी 20, 2025 AT 20:20
    ye sab fake hai yaar..trump ne kuch nahi kiya..ye toh modi ne khud arrange kiya..aur haan..ye guy jismein koi nahi jaanta..bhai koi proof hai kya?
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    Narendra chourasia

    फ़रवरी 22, 2025 AT 02:22
    ये क्या बकवास है? अमेरिका ने इस आरोपी को 15 साल तक छुपाया था! अब जब भारत ने अपनी शक्ति दिखाई तो वो भाग रहा है! ये न्याय नहीं ये डर है! और ये जो बातें कर रहे हो वो सब बेकार हैं जब तक अमेरिका अपने खुद के आतंकवादी नहीं भेजेगा तब तक ये सब एक नाटक है!
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    Mohit Parjapat

    फ़रवरी 22, 2025 AT 02:45
    अमेरिका ने अपने गाँव के बाहर जाकर एक छोटा सा गाँव जला दिया और अब वो न्याय का बाहू फैला रहा है! ये तो बस एक जंगली लोगों के लिए नाटक है जो बाजार में बिक रहा है! अब जब तक हम अपने घर के आतंकवादी को नहीं छीनेंगे तब तक ये सब बेकार है! जय हिंद! 🇮🇳🔥
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    vishal kumar

    फ़रवरी 23, 2025 AT 21:52
    प्रत्यर्पण की प्रक्रिया एक राष्ट्रीय न्यायिक अधिकार के अंतर्गत एक वैधानिक और अंतरराष्ट्रीय सहमति का परिणाम है जिसमें दोनों राष्ट्रों के न्यायिक ढांचे के बीच एक संरचित समझौता है जो भविष्य के सहयोग के लिए एक निर्णायक आधार प्रदान करता है

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