गुरुवार को ब्रिस्बेन के गैब्बा स्टेडियम पर, ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ मर्नस लैबुशेग्ने ने क्रिकेट के इतिहास में पहली बार दिन-रात टेस्ट मैचों में 1000 रन पूरे कर लिए। 31 साल के इस दाएं हाथ के बल्लेबाज़ ने अशेज़ सीरीज़ 2025-26 के दूसरे टेस्ट के दौरान 65 रन बनाकर अपना कुल दिन-रात टेस्ट रन योग 1023 तक पहुँचा दिया — जो अब तक का सबसे अधिक रन है। ये उपलब्धि सिर्फ 16 पारियों में, एक अद्भुत औसत 63.93 के साथ हासिल हुई। वह अब इस फॉर्मेट में चार शतक और चार अर्धशतक बनाने वाले सबसे सफल बल्लेबाज़ हैं।
अच्छे फॉर्म से बाहर, फिर वापसी
लैबुशेग्ने का ये दिन बेहद खास था, क्योंकि पहले टेस्ट में उन्होंने दोनों पारियों में मात्र 60 रन बनाए थे। उनकी फॉर्म गिर चुकी थी, और कुछ विश्लेषकों ने तो उन्हें टीम से बाहर करने की बात कह दी थी। लेकिन यही वक्त था जब उन्होंने अपने आप को फिर से साबित किया। घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के बाद वापस आए थे, और इस बार उन्होंने सिर्फ बल्ले से नहीं, बल्कि फील्डिंग से भी टीम को बचाया।
बल्लेबाज़ी का अहम योगदान
ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में, लैबुशेग्ने ने 78 गेंदों में 65 रन बनाए — 9 चौकों और एक छक्के के साथ। उन्होंने अपना पहला अर्धशतक 67 गेंदों में पूरा किया, जो उनका करियर का 25वां टेस्ट अर्धशतक था। इस पारी के बाद उनका दिन-रात टेस्ट औसत 66.40 से बढ़कर 63.93 हो गया। उनके चार शतकों में से तीन पिछले छह साल में ही आए हैं, जो इस फॉर्मेट में किसी और के लिए असंभव लगता है। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि लैबुशेग्ने के बाद दूसरे नंबर पर हैं उनके ही टीममेट स्टीव स्मिथ, जिन्होंने अब तक 892 रन बनाए हैं।
फील्डिंग में जादू: जोफ्रा आर्चर का चौका
लेकिन ये दिन सिर्फ बल्लेबाज़ी का नहीं था। इंग्लैंड की पहली पारी में, जब जो रूट (138*) और जोफ्रा आर्चर (38) ने 10वें विकेट के लिए 60 रन का जोड़ा बनाया, तो इंग्लैंड के लिए जीत का रास्ता खुल रहा था। तभी लैबुशेग्ने ने एक ऐसा कैच लिया — जिसे क्रिकेट इतिहासकार अब ‘सबसे बेहतरीन आउटफील्ड कैच’ कह रहे हैं। आर्चर की एक लंबी शॉट को हवा में लगभग 20 फीट दूर से उछालते हुए, लैबुशेग्ने ने उसे एक हाथ से पकड़ लिया। ये विकेट न सिर्फ इंग्लैंड के इरादे तोड़ गया, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए जीत का रास्ता बना दिया।
टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया
कप्तान स्टीव स्मिथ ने मैच के बाद कहा, ‘जब आर्चर और रूट जोड़ा बना रहे थे, तो हम सब डर रहे थे। लेकिन मर्नस ने एक कैच से पूरे मैच का रुख बदल दिया।’ इस कैच के बाद इंग्लैंड की पारी 334 पर खत्म हुई — जो अब तक का उनका सबसे अच्छा दिन-रात टेस्ट स्कोर है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के लिए ये सिर्फ शुरुआत है। जेक वेदराल्ड (72) और लैबुशेग्ने के बाद टीम अभी भी बड़ा स्कोर बनाने की राह पर है।
दिन-रात टेस्ट में लैबुशेग्ने का रिकॉर्ड
- 1023 रन — सबसे अधिक दिन-रात टेस्ट में
- 16 पारियों में ये रन — सबसे कम पारियों में 1000+ रन
- 4 शतक, 4 अर्धशतक — इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा
- औसत: 63.93 — दुनिया का सबसे अच्छा औसत
- 2019 से लगातार शीर्ष पर — किसी और ने नहीं छीना
इसका क्या मतलब है?
लैबुशेग्ने का ये रिकॉर्ड सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक भावना है। ये दिखाता है कि एक खिलाड़ी कितनी बार गिर सकता है — और कितनी बार उठ सकता है। उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपना बचाव किया। अब वो दुनिया के सबसे अच्छे दिन-रात टेस्ट बल्लेबाज़ हैं। और ये नहीं कि वो बस रन बना रहे हैं — वो टीम के लिए बाकी सब कुछ भी कर रहे हैं। फील्डिंग, धैर्य, दबाव में शांति — ये सब उनके खेल का हिस्सा है।
अगला क्या?
अगले दो दिनों में ऑस्ट्रेलिया की पारी पूरी होगी, और अगर वो 450+ रन बना लेते हैं, तो वो इस मैच में बड़ा लीड ले सकते हैं। लैबुशेग्ने के बाद अगला निशाना — दिन-रात टेस्ट में 1500 रन। अगर वो इस तरह जारी रहे, तो वो इस फॉर्मेट के लिए एक नया मानक बना देंगे। और ये बात अब तक किसी ने नहीं की — कि एक खिलाड़ी अपने गिरने के बाद इतना बड़ा रिकॉर्ड बना दे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मर्नस लैबुशेग्ने ने दिन-रात टेस्ट में कितने शतक बनाए हैं?
मर्नस लैबुशेग्ने ने दिन-रात टेस्ट मैचों में अब तक चार शतक बनाए हैं, जो इस फॉर्मेट में किसी भी बल्लेबाज़ से ज्यादा है। उनके पहले शतक 2019 में एडिलेड में आए थे, और अब तक उन्होंने इस फॉर्मेट में सिर्फ 16 पारियों में ये उपलब्धि हासिल की है।
क्या कोई और खिलाड़ी इस रिकॉर्ड के करीब है?
दूसरे नंबर पर हैं ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ, जिन्होंने 892 रन बनाए हैं। इंग्लैंड के जो रूट और ऑस्ट्रेलियाई डेविड वॉर्नर भी इस लिस्ट में शीर्ष पांच में हैं, लेकिन उनके रन 700 के आसपास ही हैं। लैबुशेग्ने का फार्मूला अभी तक किसी के लिए नकल नहीं हो पाया।
लैबुशेग्ने को टीम से क्यों बाहर किया गया था?
2024 के अंत में, लैबुशेग्ने का फॉर्म बहुत खराब रहा। उन्होंने तीन टेस्ट में औसत 22.5 से कम रन बनाए। इसलिए उन्हें टीम से हटा दिया गया। लेकिन उन्होंने नेट बैंक ग्राउंड में न्यू साउथ वेल्स के लिए दो शतक बनाकर अपनी जगह वापस ली।
इस दिन का कैच क्यों इतना खास माना जा रहा है?
जोफ्रा आर्चर की शॉट लगभग गेंद को फिनिश लाइन तक ले जा रही थी। लैबुशेग्ने ने उसे दूर से, एक हाथ से, उछालते हुए पकड़ा। ये दुनिया के सबसे तेज़ गेंदबाज़ों में से एक के लिए आखिरी विकेट का कैच था — जिससे इंग्लैंड के जीत के सपने टूट गए।
Mukesh Kumar
दिसंबर 8, 2025 AT 08:19ये तो बस एक खिलाड़ी की कहानी नहीं, बल्कि हर उस इंसान की है जो गिरा और उठा। मर्नस ने बस रन नहीं बनाए, उसने आत्मविश्वास का निर्माण किया। ये दिन भारत के हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो लोगों के बोलों से डर रहा है।
RAJA SONAR
दिसंबर 8, 2025 AT 17:091000 रन बनाना तो बहुत बड़ी बात है पर असली जादू तो वो कैच था जिसने पूरा मैच बदल दिया अरे भाई ये तो बॉलीवुड स्क्रिप्ट है ना जिसे देखकर आंखें नम हो गई
Govind Vishwakarma
दिसंबर 10, 2025 AT 15:09ये सब रिकॉर्ड्स तो बस आंकड़े हैं जब तक टीम नहीं जीत रही तो कोई फर्क नहीं पड़ता और हां इंग्लैंड के लिए ये बहुत बुरा लगा लेकिन वो तो हमेशा से ऐसे ही हैं
Jamal Baksh
दिसंबर 11, 2025 AT 01:11इस उपलब्धि का अर्थ सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है। यह एक सांस्कृतिक संदेश है कि लगन, धैर्य और अटूट इच्छाशक्ति के साथ कोई भी असंभव को संभव बना सकता है। मर्नस लैबुशेग्ने ने न केवल ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को बल्कि विश्व खेलों के आध्यात्मिक मूल्यों को भी ऊंचा उठाया है।
Shankar Kathir
दिसंबर 11, 2025 AT 16:10मैंने इस मैच को जिंदा देखा था और वो कैच तो ऐसा लगा जैसे किसी ने फिल्म का एक सीन रियल लाइफ में रिकॉर्ड कर दिया हो। लैबुशेग्ने की आंखों में उस पल एक अजीब सी शांति थी, जैसे वो जानता हो कि ये पल आएगा ही। उसके बाद जब आर्चर ने शॉट मारी तो पूरा स्टेडियम सांस रोक गया और जैसे ही गेंद हवा में उड़ी लैबुशेग्ने ने एक हाथ से उसे पकड़ लिया जैसे वो उसे अपने लिए तैयार कर रहा हो। ये कोई असाधारण अभिनय नहीं बल्कि एक अनुभव है जिसे बार-बार देखने की जरूरत है। ये कैच तो दुनिया भर में देखे जाने वाले सबसे बेहतरीन कैच्स में शामिल हो जाएगा।
Bhoopendra Dandotiya
दिसंबर 11, 2025 AT 19:08इस रिकॉर्ड को देखकर लगता है जैसे कोई राजा अपने राज्य के नियमों को नए ढंग से लिख रहा हो। लैबुशेग्ने ने बस बल्ला नहीं उठाया, उसने एक नया शब्द बना दिया है - अपने गिरने के बाद उठना। ये तो जीवन का नियम है ना जिसे हम सब जानते हैं पर कम ही अपनाते हैं।
Firoz Shaikh
दिसंबर 13, 2025 AT 09:21इस उपलब्धि का वैज्ञानिक और तार्किक आधार भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक खिलाड़ी का शारीरिक और मानसिक समन्वय, जो लगातार दबाव में बरकरार रहता है, वह किसी भी अन्य खेल के बराबर नहीं है। लैबुशेग्ने का औसत 63.93 न केवल एक सांख्यिकीय आंकड़ा है, बल्कि एक अद्वितीय मानसिक अनुकूलन का प्रमाण है। इसके पीछे घंटों की अभ्यास, भौतिक चिकित्सा और मानसिक ताकत का संगम है।
Boobalan Govindaraj
दिसंबर 15, 2025 AT 05:49दोस्तों ये तो बस शुरुआत है अब तो ये देखो कि वो 1500 रन तक कैसे पहुंचता है। एक बार जब आत्मविश्वास बन जाए तो रुकना मुश्किल हो जाता है। मैं तो इसके लिए तैयार हूं और तुम भी हो ना
RAJA SONAR
दिसंबर 15, 2025 AT 16:37मर्नस ने जो कैच लिया वो देखकर मेरी आंखों में आंसू आ गए अरे भाई ये तो जादू है ना
Aman kumar singh
दिसंबर 15, 2025 AT 19:47ये लड़का तो असली लीजेंड है बस रन बनाने की बात नहीं वो टीम के लिए जान भी दे देता है ये तो वो है जिसे आप अपनी टीम में चाहते हैं
UMESH joshi
दिसंबर 16, 2025 AT 10:01गिरना तो हर कोई कर सकता है लेकिन उठने का फैसला लेना वही चुनौती है जो एक वास्तविक नायक को एक साधारण इंसान से अलग करती है। मर्नस ने न सिर्फ अपनी जगह वापस ली, बल्कि एक नए मानक की नींव रखी है। ये अब सिर्फ एक खिलाड़ी की कहानी नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है।