विराट कोहली ने आईपीएल 2024 से RCB के बाहर होने के बाद जताई नाराजगी, स्टंप बिछाकर व्यक्त किया दुख

विराट कोहली ने आईपीएल 2024 से RCB के बाहर होने के बाद जताई नाराजगी, स्टंप बिछाकर व्यक्त किया दुख

विराट कोहली की निराशा

भारतीय क्रिकेट के सबसे चमकते सितारों में से एक, विराट कोहली, ने एक बार फिर से अपनी मानसिकता और समर्पण का सबूत दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश इस बार भी उनका प्रयास रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर (RCB) को जीत दिलाने में असफल रहा। आईपीएल 2024 के सीजन में, RCB का सफर राजस्थान रॉयल्स (RR) से हार के बाद खत्म हो गया। यह मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 22 मई को खेला गया था, जिसमें RCB ने चार विकेट से हार का सामना किया।

हार के बाद, कोहली की निराशा उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी। वह मैदान के बीच खड़े हो गए और स्टंप को उखाड़ दिया। यह एक ऐसा इशारा था जो उनकी गहरी निराशा और द्रवता को व्यक्त करता था। सोशल मीडिया पर इस पल को कई ने कैप्चर किया और कोहली के इस भावनात्मक क्षण पर उनकी सहानुभूति और प्रशंसा व्यक्त की।

मिलestones और प्रदर्शन

मिलestones और प्रदर्शन

विराट कोहली ने इस सीजन में कई उम्दा परफॉर्मेंस दिए। उन्होंने 15 मैचों में 741 रन बनाए, जो इस सीजन में सबसे ज्यादा रन है। इस शानदार प्रदर्शन के चलते वे ऑरेंज कैप के धारक बने। इसके अलावा, कोहली ने एक नया मील का पत्थर भी छूआ, जिसमें उन्होंने आईपीएल के इतिहास में 8000 रन पूरे किए। यह उपलब्धि उन्होंने 29 रन की बढ़त से हासिल की। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी शिखर धवन 6,769 रन पर हैं।

कोहली का क्रिकेट करियर

यह पहला मौका नहीं है जब कोहली ने अपनी निराशा को इस तरह से व्यक्त किया है। इससे पहले, ICC वर्ल्ड कप 2023 में ऑस्ट्रेलिया के हाथों भारत की हार के बाद भी कोहली ने स्टंप को उखाड़ा था। उनके करियर में ऐसे कई क्षण आए हैं, जब उन्होंने अपने प्रदर्शन से न केवल रिकॉर्ड बनाए, बल्कि अपने इस्तेमाल से समर्थकों का दिल भी जीता।

विराट कोहली का यह सफर सिर्फ रन बनाने तक ही सीमित नहीं है। उनकी कप्तानी के दौरान और एक खिलाड़ी के रूप में, उन्होंने हमेशा अपने मानसिक बल और एथलीटिकिज्म का प्रमाण दिया है। उन्होंने मैदान पर जुनून और प्रतिस्पर्धात्मकता का ऐसा स्तर दिखाया है, जो बहुत कम खिलाड़ियों में देखा जाता है।

कप्तानी का दौर

कप्तानी का दौर

कोहली ने RCB की कप्तानी से 2021 में ही इस्तीफा दे दिया था, लेकिन उनके नेतृत्व का प्रभाव अभी भी टीम पर देखा जा सकता है। उनके योगदान और दृढ़ संकल्प ने RCB को कई मौकों पर जीत दिलाई, लेकिन आईपीएल ट्रॉफी जीतने का सपना अभी भी अधूरा है।

विराट कोहली की प्रतिभा और खेल के प्रति उनका समर्पण हमेशा से ही भारतीय क्रिकेट टीम और उनके फैंस के लिए प्रेरणा रहा है। उनके अनुशासन, मेहनत और संघर्ष की यह कहानी उन्हें एक महान खिलाड़ी बनाती है, और यह सफर यहीं खत्म नहीं होता। वह एक बार फिर से वापसी करेंगे और जल्द ही मैदान पर अपने खेल का जादू बिखेरते नजर आएंगे।

खेल का परिवर्तन

विराट कोहली जैसे खिलाड़ी न केवल मैच जीतते हैं, बल्कि वे क्रिकेट को एक नया आयाम भी देते हैं। उनकी पारी, उनका जुनून और उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता क्रिकेट प्रेमियों के लिए हमेशा यादगार रहेगी। उनके खेल ने न केवल RCB बल्कि पूरे क्रिकेट जगत को प्रेरित किया है। उनका तप और संघर्ष दर्शकों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा और नई पीढ़ियों के लिए एक आदर्श बने रहेंगे।

उम्मीद है कि कोहली जल्द ही इस निराशा से उबरकर और भी मजबूत होकर वापस आएंगे और क्रिकेट के मैदान पर अपनी नई कहानी लिखेंगे। उनके प्रशंसकों का समर्थन और प्यार हमेशा उनके साथ रहेगा, जैसे वह अपने खेल के माध्यम से लाखों दिलों को जीतते आए हैं।

11 Comments

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    SIVA K P

    मई 24, 2024 AT 12:57
    अरे भाई विराट ने स्टंप उखाड़ा तो क्या हुआ? रन तो बनाए हैं 741... टीम लुट रही है तो खिलाड़ी को दोष क्यों?
    कोहली को भगवान समझ रहे हो क्या?
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    Neelam Khan

    मई 24, 2024 AT 15:03
    इस बार भी वो अकेले टीम को उठा रहे हैं... दिल टूट रहा है लेकिन उनकी मेहनत और जुनून की कोई तारीफ नहीं हो सकती। आप सब उनके लिए शुक्रिया बोलो।
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    Jitender j Jitender

    मई 26, 2024 AT 09:03
    कोहली का रन बनाने का फंक्शनल एक्सीलेंस और टीम लीडरशिप के बीच का डायनामिक डिस्क्रीप्शन इस सीजन में बहुत इंटरेस्टिंग है। ऑरेंज कैप के साथ 8000 रन का माइलस्टोन इंडिकेट करता है कि एथलीटिक एक्सप्रेशन के साथ एक्सीलेंस को डिफाइन करना अब एक नया पैराडाइम है।
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    Jitendra Singh

    मई 27, 2024 AT 08:03
    क्या आपने कभी सोचा है कि जब एक खिलाड़ी अपने आप को एक देवता बना लेता है तो उसकी निराशा भी एक धार्मिक दुःख बन जाती है? कोहली का स्टंप उखाड़ना एक आध्यात्मिक अपराध है जिसका फल भारत के क्रिकेट भक्तों को भोगना पड़ रहा है।
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    VENKATESAN.J VENKAT

    मई 28, 2024 AT 15:23
    इतना रन बनाया और ट्रॉफी नहीं मिली? ये बेवकूफी है। तुम्हारा दिमाग बनाने का नहीं बल्कि टीम के लिए खेलने का है। तू अपनी खुशी के लिए खेल रहा है, टीम के लिए नहीं।
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    Amiya Ranjan

    मई 29, 2024 AT 01:55
    कोहली के रन बनाने का तरीका बहुत नाटकीय है लेकिन टीम के लिए वो बहुत कम है। उनकी आत्मा खेल के लिए नहीं खुद के लिए है।
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    vamsi Krishna

    मई 29, 2024 AT 23:19
    741 run? yaar kya baat hai... RCB toh har baar fail ho rha hai... kya karega ek insan ka koi 10000 run bana de? team ko trophy nahi milti
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    Narendra chourasia

    मई 31, 2024 AT 10:21
    ये सब नाटक है! विराट कोहली का ये स्टंप उखाड़ना बस एक अभिनय है... उसने कभी टीम के लिए नहीं खेला, हमेशा अपने ब्रांड के लिए खेला है। ये लोग जब टीम खोते हैं तो रोते हैं, जब जीतते हैं तो बॉलीवुड में जाते हैं।
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    Mohit Parjapat

    जून 1, 2024 AT 06:53
    अरे भाई ये स्टंप उखाड़ना तो बहुत बढ़िया हुआ! इसी जुनून के बिना भारतीय क्रिकेट नीचे जा रहा है। अब जो लोग कोहली को टारगेट कर रहे हैं वो बस नफरत के लिए जन्मे हैं। भारत का राष्ट्रीय ध्वज है ये आदमी! 🇮🇳🔥
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    vishal kumar

    जून 3, 2024 AT 02:41
    क्रिकेट एक खेल है न कि एक धर्म। विराट कोहली के व्यक्तिगत उपलब्धियाँ उनकी व्यक्तित्व की प्रतिबिंब हैं लेकिन टीम के लिए जिम्मेदारी एक अलग संकल्प की आवश्यकता है।
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    Oviyaa Ilango

    जून 4, 2024 AT 02:37
    उसकी उपलब्धियाँ अद्वितीय हैं। लेकिन टीम की असफलता उसकी व्यक्तिगत शक्ति का अंतिम परीक्षण है।

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